大学生了没

被植入皮肤和颅骨之间的小型无线设备有助于杀死癌细胞_我的网站

拜托小姐

一 |      पीटीआई, नई दिल्ली। सीबीआई ने अवैध रूप से सिम कार्ड बेचने के आरोप में एयरटेल के टेरिटरी सेल्स मैनेजर (टीएसएम) समेत तीन लोगों को असम के सिलचर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन सिम कार्डों का दुरुपयोग डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी में किया गया।,

सीबीआई ने असम के कछार में पांच ठिकानों पर छापे मारे

सीबीआई ने असम के कछार में पांच ठिकानों पर छापे मारे और टीएसएम देबाशीष डोले, बिचौलिया माहिम उद्दीन बरभुइया और असीम पुरकायस्थ को गिरफ्तार किया। एयरटेल की तरफ से इस मामले में प्रतिक्रिया नहीं मिली है। डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों पर नकेल कसने के लिए एजेंसी ने इस साल मई में छापे मारे थे, जिसमें 39 प्वाइंट आफ सेल्स (पीओएस) ऑपरेटर पकड़े गए थे। इन पर भारतीयों को अपने जाल में फंसाने के लिए दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के साइबर अपराधियों को 1100 से अधिक घोस्ट सिम कार्ड बेचने के आरोप हैं।,

अवैध तरीके से सिम कार्ड जारी किए

छानबीन के दौरान सीबीआई को पता चला कि डोले ने बिचौलिया बरभुइया और पुरकायस्थ के साथ मिलकर अवैध तरीके से सिम कार्ड जारी किए। ये सिम कार्ड उन लोगों के नाम पर और उनकी जानकारी के बगैर जारी किए गए, जिन्हें आधिकारिक तौर पर पहले से सिम कार्ड जारी हुए थे।,ऐसे बेचा जाता था घोस्ट सिम कार्ड जब कोई ग्राहक सिम कार्ड लेने जाता था, तो पाइंट-ऑफ-सेल आपरेटर ई-केवाईसी करता था और सिम जारी करता था। जालसाज आपरेटर ग्राहक से झूठ कहते थे कि उनका ई-केवाईसी फेल हो गया है और उन्हें फिर से कोशिश करनी चाहिए।,

एक सिम कार्ड स्कैमर इस्तेमाल कर रहे हैं

अधिकारियों ने बताया कि पहली बार जेनरेट हुआ सिम ग्राहक को दे दिया जाता था, जबकि दूसरा सिम, यानी 'घोस्ट सिम', साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था। असली ग्राहक को इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं होने पाती थी कि उसके नाम पर बना हुआ एक सिम कार्ड स्कैमर इस्तेमाल कर रहे हैं।,

 घोस्ट सिम कार्ड का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है

इन घोस्ट सिम कार्ड का इस्तेमाल न केवल पीड़ितों को धोखा देने के लिए किया जाता था, बल्कि पैसे लेने के लिए 'म्यूल बैंक अकाउंट' खोलने में भी होता था। बाद में पता लगने से या मनी ट्रेल का खुलासा होने से बचने के लिए इन खातों को बंद कर दिया जाता था।,यह भी पढ़ें- दिल्ली एयरपोर्ट पर NIA की बड़ी कार्रवाई, आतंकियों को हथियार सप्लाई करने वाला गिरफ्तार。    胶质母细胞瘤是一种侵略性的癌症,五年内的存活率只有5%。它的治疗方法通常是通过手术切除肿瘤,然后进行放疗或化疗来清除任何剩余的细胞。不幸的是,这种癌症经常以对这些治疗有抵抗力的形式复发。但在一项新研究中,斯坦福大学的科学家们开发了一种创伤性较小的方法来治疗脑瘤,在小鼠的测试中,这种方法大大增加了生存时间。

二 | 只需每天进行15分钟的治疗,持续15天,甚至在小鼠只是做他们平常的事情的时候。该技术是在一种新兴的治疗各种类型癌症的方法上发挥作用,该方法涉及将纳米粒子注入肿瘤,然后触发它们升温。触发器可以采取电磁场、超声波或光的形式,由于癌细胞对热量比健康细胞更敏感,这可以在对周围组织伤害最小的情况下杀死它们。

三 | 斯坦福大学的新设备被设计为植入皮肤和颅骨之间,并在开启时发出红外光。由黄金制成的星形纳米粒子通过颅骨上的一个小孔被注入脑瘤,来自该设备的红外光将它们加热到5°C之多。经过几轮这样的治疗,癌细胞被成功杀死。该团队说,调整红外能量的功率以及光的波长可以使他们针对不同大小的肿瘤和大脑内的不同位置。在对小鼠的测试中,科学家们发现这种治疗方法能够减少大脑中的癌细胞,并大大延长动物的寿命--平均来说,是未接受治疗的小鼠生存时间的三倍。当化疗被添加到这个组合中时,小鼠的存活时间甚至更长。尽管到目前为止这项研究看起来很有希望,但当然很难将其结果推及到人类。但该团队希望扩大该设备的规模,以用于人类患者,作为对抗这种致命癌症形式的另一种武器。该研究发表在《自然-纳米技术》杂志上。

四 |

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Published on:21:43:30


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